लखनऊः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में राज्य की अर्थव्यवस्था लगातार बढ़ रही है. कृषि क्षेत्र से लेकर सूक्ष्म एवं छोटे स्तर के उद्योगों पर राज्य सरकार ने लगातार ध्यान दिया है. जहां केंद्र में मोदी सरकार देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने की ओर अग्रसर है, वहीं योगी सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था को अकेले एक ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने के लिए कटिबद्ध है.
यूपी सरकार किस तरह से ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य को प्राप्त करेगी इसके लिए उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम के निदेशक डॉ. शीलवंत सिंह की लिखी पुस्तक में पूरा रोडमैप बताया गया है. उन्होंने इसमें बताया है कि कैसे प्रदेश में स्किल डेवलपमेंट और ओडीओपी जैसी योजनाओं के जरिए इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए योगी सरकार आगे बढ़ रही है.
पुस्तक में राज्य के हर मंत्रालय द्वारा लाई गई योजनाओं और उनके द्वारा तैयार किए गए रोडमैप का ब्यौरा दिया गया है. इसमें क्रमवार बताया गया है कि कैसे अवसंरचना विकास और डिजिटलाइज़ेशन का समावेश करके प्रदेश की अर्थव्यवस्था को ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी तक पहुंचाने का लक्ष्य है.
सोमवार (15 जुलाई) को विश्वेश्वरैया ऑडीटोरियम, लखनऊ में डॉ. शीलवंत सिंह द्वारा लिखित दो पुस्तकों ‘ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी’ और ‘योगी जी के प्रेरक प्रसंग’ सहित अमित सिंह द्वारा लिखित एक पुस्तक ‘लोक हृदय सम्राट योगी आदित्यनाथ दर्शन एवं विकास दृष्टि’ का भी लोकार्पण किया गया.
इस मौके पर उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, सीएम योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश अवस्थी सहित तमाम गणमान्य लोग उपस्थित थे.
इस मौके पर बोलते हुए डॉ शीलवंत सिंह ने कहा कि इस पुस्तक में 2027 तक योगी सरकार द्वारा यूपी को ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने का ब्लू प्रिंट तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि ट्रिलियन डॉलर जो कि भारतीय रुपये में लगभग 83 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था होगी, वह वर्तमान में 25 लाख करोड़ रुपये के स्तर को छू चुकी है.

डॉ. शीलवंत सिंह ने बताया कि ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचने के लिए इस पुस्तक में कृषि व संबंधित क्षेत्र से लेकर आधारभूत संरचना तक बुलेट ट्रेन की गति से हो रहे विकास को शामिल किया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में यूपी ने एयरपोर्ट प्रदेश, मेट्रो प्रदेश, एक्सप्रेस वे प्रदेश के रूप में अपनी पहचान बना ली है.
प्रदेश में हुए दो सफल इन्वेस्टमेंट समिट का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 10-12 फरवरी 2023 को आयोजित यूपी ग्लोबल समिट में 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुआ है. उन्होंने कहा कि यूपी देश की जीडीपी में 9.2 प्रतिशत का योगदाने देने वाला और दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ साथ ईज़ ऑफ डूइंंग बिजनेस में अचीवर्स स्टेट का दर्जा प्राप्त कर चुका है.
वहीं पुस्तक के लोकार्पण के मौके पर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि चूंकि उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध खत्म हो गया है और सेफ्टी व सिक्युरिटी का ऐसा माहौल बना है जिससे बाहर के इन्वेस्टर्स के लिए यूपी काफी अच्छा डेस्टिनेशन बन गया है. उन्होंने कहा कि जब हमने सत्ता संभाली थी तब राज्य सकल घरेलू उत्पाद करीब 12 लाख करोड रुपये का था जो कि अब बढ़कर 25 लाख करोड़ रुपये हो गया है.
उन्होंने आगे कहा कि किसानों की आय को बढ़ाने पर काफी ध्यान दिया गया है और सिंचाई की जो परियोजनाएं 50-50 सालों से लटकी पड़ी थीं उसे पूरा किया गया है और लगभग 22 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता बढ़ी है जो कि खाद्यान्न उत्पादन को बढ़ाने में काफी सहायक हो सकती है.
सूक्ष्म एवं छोटे उद्योगों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इसमें तमाम तरह के सब्सिडी व इन्सेंटिव की व्यवस्था की गई है. उन्होंने यह भी कहा कि इस साल बैंकों से कर्जा दिलाने का 1 लाख करोड़ का लक्ष्य था लेकिन इसमें 100 प्रतिशत का इजाफा करते हुए 2 लाख 3 हजार करोड़ ऋण दिलाने का लक्ष्य प्राप्त किया गया.

सर्विस सेक्टर के बारे में उन्होंने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में भी काफी इजाफा हुआ है. पहले जहां 3-4 करोड़ लोग बाहर से आते थे वहीं अब करीब 32 करोड़ लोग यूपी में पर्यटन के लिए आते हैं, जो कि अपने आप में बहुत बड़ा अचीवमेंट है.